ऋषिकेश। एम्स ऋषिकेश भी स्वास्थ्य क्षेत्र में नए-नए प्रयोगों को बढ़ावा दे रहा है। एम्स ऋषिकेश की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर डॉ. मीनू सिंह ने बताया कि प्रदेश के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यकता पड़ने पर ‘भीष्म क्यूब’ के माध्यम से अस्थायी अस्पताल स्थापित किए जा सकते हैं।
प्रोफेसर डॉ. मीनू सिंह ने कहा कि टेलीमेडिसिन का तेजी से विस्तार हो रहा है, जिसके माध्यम से दूरदराज़ के क्षेत्रों के मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं देश की पहली हेली एम्बुलेंस सेवा एम्स ऋषिकेश में शुरू की गई है, जिसके जरिए दुर्गम क्षेत्रों से मरीजों को हेलीकॉप्टर द्वारा लाकर उनका समुचित उपचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ड्रोन तकनीक का उपयोग दवाइयों, ब्लड प्रोडक्ट्स और अंगों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने में किया जा रहा है।