पौड़ी। जिले में विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य योजना से जुड़ी नवीन व्यवस्थाओं एवं प्रावधानों की जानकारी उपलब्ध कराना और इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देना रहा।
कार्यशाला के दौरान केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान का संबोधन सजीव प्रसारण के माध्यम से सुना गया उन्होंने आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले के मुक्कावरिपल्ले गांव से विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) का राष्ट्रीय स्तर पर विधिवत शुभारंभ किया और विभिन्न राज्यों के लाभार्थियों एवं किसानों से संवाद किया।
अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह मिशन ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने बताया कि 1 जुलाई, 2026 से पात्र ग्रामीण परिवारों को अब 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों के रोजगार की वैधानिक गारंटी प्रदान की जा रही है। यदि निर्धारित समयावधि में मांग के अनुरूप रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो पात्र परिवारों को बेरोजगारी भत्ते का भी लाभ मिलेगा। उन्होंने सभी राज्यों एवं नागरिकों से इस मिशन को जनभागीदारी के साथ सफल बनाने का आह्वान किया।
विधायक राजकुमार पोरी ने इस योजना को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने तथा गांवों में स्थायी विकास कार्यों को गति देने वाली महत्वपूर्ण योजना बताते हुए कहा कि नई व्यवस्था से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के साथ-साथ आधारभूत ढांचे के विकास को भी नई दिशा मिलेगी।
कार्यशाला में प्रतिभागियों को मिशन की प्रमुख विशेषताओं, पात्रता, रोजगार मांग की प्रक्रिया, भुगतान व्यवस्था, डिजिटल प्रणाली, सामाजिक अंकेक्षण तथा प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई।