GST रिफंड की जांच की समय सीमा 15 दिन से घटाकर 10 दिन करने की सिफारिश की

नई दिल्ली। 57वीं GST परिषद की बैठक में GST दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया, लेकिन कारोबारियों और करदाताओं के लिए रजिस्ट्रेशन, रिफंड, ITC, नोटिस और अनुपालन से जुड़ी प्रक्रियाओं को आसान बनाने पर जोर दिया गया।

सितंबर 2025 में GST दरों में बड़ी कटौती और दो दरों वाली व्यवस्था लागू होने के बाद अब GST प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

रजिस्ट्रेशन में सामान्य बदलाव, जैसे कारोबार की नई जगह जोड़ने की प्रक्रिया को आसान करने की सिफारिश की गई है।

करदाता के अनुरोध पर GST रजिस्ट्रेशन रद्द करने की प्रक्रिया को भी सरल बनाने का प्रस्ताव है।

10 हजार रुपये से कम राशि वाले लंबित नोटिस वापस लेने और भविष्य में इस सीमा से नीचे नए नोटिस जारी नहीं करने की सिफारिश की गई है। इससे करीब 12 लाख करदाताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।

GST रिफंड की जांच की समय सीमा 15 दिन से घटाकर 10 दिन करने की सिफारिश की गई है।

तय समय में जवाब नहीं मिलने पर रिफंड आवेदन को स्वीकृत माना जा सकता है।

जोखिम आधारित जांच के बाद 90 प्रतिशत रिफंड दावों को मंजूरी के तीन कार्यदिवस के भीतर निपटाने का प्रस्ताव है।

माल की जांच, हिरासत या जब्ती को संबंधित सप्लायर या गंतव्य राज्य के अधिकारियों तक सीमित रखने की सिफारिश की गई है।

अभियोजन की सीमा एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये करने और सामान्य पेनल्टी 25 हजार रुपये से घटाकर 10 हजार रुपये करने का प्रस्ताव है।

छोटे कारोबारियों के लिए पांच करोड़ रुपये तक के कारोबार और केवल उपभोक्ताओं को बिक्री करने वाले कारोबारियों के लिए वैकल्पिक योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है।

इस योजना के तहत साल में एक रिटर्न दाखिल करने और हर तिमाही टैक्स जमा करने की व्यवस्था हो सकती है।

ITC से जुड़े नियमों को भी आसान बनाने की सिफारिश की गई है।

इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर के तहत पात्र इनपुट सर्विस क्रेडिट को एक नवंबर 2026 से रिफंड में शामिल करने का प्रस्ताव है।

निर्यातकों और ई-कॉमर्स से जुड़े छोटे विक्रेताओं के लिए भी प्रक्रियाओं को आसान बनाने की योजना है।

अधिकांश सुधारों को एक अप्रैल 2027 से लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।

कई CGST क्षेत्रों में पंजीकृत कारोबारियों के लिए केंद्रीकृत और फेसलेस CGST व्यवस्था शुरू करने की भी तैयारी है। प्रस्तावित सुधारों का उद्देश्य कारोबारियों और करदाताओं के लिए GST अनुपालन को आसान बनाना है। इसमें कम कागजी कार्रवाई, तेज प्रक्रियाओं और कम विवादों के जरिए GST व्यवस्था को अधिक सुगम बनाने पर जोर दिया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *