देहरादून। देहरादून में महाशिवरात्रि के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के सुभाषनगर सेवाकेन्द्र में “ *ब्रह्माकुमारी संस्था का नवदशकोत्सव* ” आध्यात्मिक वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम में श्रद्धा, उमंग और दिव्यता का अद्भुत संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ। अतिथियों का स्वागत बैज, शॉल एवं पटका पहनाकर सम्मानपूर्वक किया गया। कुमारी पावनी द्वारा सुंदर स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया गया।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित *आदि शंकराचार्य वैदिक वेलनेस फाउंडेशन के संस्थापक स्वामी योगीराज योगी आशुतोष जी महाराज* ने अपने उद्बोधन में ब्रह्माकुमारीज विश्व विद्यालय की महिमा करते हुए कहा कि पूर्व से पश्चिम तक, केवल भारत ही नहीं बल्कि संपूर्ण विश्व में यदि कोई शोषित, पीड़ित या वंचित है, तो उसे करुणा, दया और समर्पण भाव से अपनाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय कर रहा है। उन्होंने कहा कि यहाँ केवल राजयोग ही नहीं, बल्कि सभी प्रकार के योग एक ही छत्रछाया में उपलब्ध हैं। यह संस्था 140 से अधिक देशों में संकल्पों की शक्ति द्वारा विश्वकल्याण की सेवा कर रही है। उन्होंने कहा कि तनावग्रस्त अथवा अवसादग्रस्त व्यक्ति भी यदि इस आध्यात्मिक छत्रछाया के स्थान में आ जाए, तो उसके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन निश्चित है। तत्पश्चात *आपदा प्रभाग के सचिव ज्योतिर्मय त्रिपाठी ने संस्था से जुड़ने के अपने अनुभव साझा किए तथा महाशिवरात्रि की शुभकामनाएँ दीं।ओम शांति रिट्रीट सेंटर गुरुग्राम की निदेशिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी आशा दीदी ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि परचिंतन और परदर्शन अवनति की सीढ़ी है। “मैं–मैं” का भाव ही अहंकार, मग्रूरी और मतभेद को जन्म देता है। उन्होंने एकाग्रता को जीवन की रॉयल्टी बताते हुए कहा कि स्थिरता और समता से ही सच्चा कर्मयोग संभव है।उन्होंने आह्वान किया कि हम अपने कर्म ऐसे करें जिनमें परमात्मा की झलक दिखाई दे। महाशिवरात्रि की बधाई देते हुए उन्होंने कहा इस शिवरात्रि मे ‘साइलेंस पावर’ के माध्यम से मनसा-संकल्पों को शक्तिशाली बनाकर अपने मन-मंदिर को सच्चा शिवालय बनाएँ, जहाँ परमात्मा का वास हो।कुमारी स्वाति एवं कुमारी नताशा द्वारा ब्रह्माकुमारी संस्था की 90 वर्षों की यात्रा को संवाद द्वारा प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों को ईश्वरीय सौगातें प्रदान की गईं। अतिथियों का स्वागत राजयोगिनी बीके मंजू दीदी ने किया।मंच का कुशल संचालन बी.के. सुशील भाई द्वारा किया गया।महाशिवरात्रि एवं नवदशकोत्सव का यह पावन आयोजन आध्यात्मिक ऊर्जा, प्रेम और सद्भाव के संदेश के साथ संपन्न हुआ।