देहरादून। प्रदेश में मानक पूरे नहीं करने वाले मदरसों की स्थिति अब स्पष्ट हो रही है। अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के चेयरमैन सुरजीत सिंह गांधी ने बताया कि प्रदेश में 452 मदरसों में से 227 ने लिखित रूप से उन्हें बंद करने की जानकारी दी है। इन मदरसों में भवन, पंजीकरण और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं थीं। संचालकों ने यह भी बताया है कि वहां पढ़ने वाले बच्चों का दूसरे स्कूलों में दाखिला करा दिया गया है। वहीं शासन की ओर से सील किए गए 19 मदरसों के बच्चों को आसपास के मदरसों और स्कूलों में समायोजित किया गया है।
चेयरमैन गांधी के अनुसार, करीब 176 मदरसों के मामले शिक्षा विभाग में लंबित हैं। शिक्षा विभाग से मान्यता मिलने के बाद इन्हें अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश हैं कि किसी भी बच्चे की पढ़ाई और उसका शैक्षणिक वर्ष खराब न हो।