नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 में आचार संहिता के कथित उल्लंघन से जुड़ी चुनाव याचिका में सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने मामले में हाई कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने से भी मना कर दिया।
भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार विजय बघेल की ओर से दायर चुनाव याचिका में आरोप लगाया गया है कि भूपेश बघेल ने मतदान से 48 घंटे पहले प्रचार पर रोक से जुड़े नियमों का उल्लंघन करते हुए एक जनसभा में हिस्सा लिया।
भूपेश बघेल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत में दलील दी कि यह जनसभा नहीं, बल्कि एक निजी बैठक थी। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति संजय कुमार बागची ने कहा कि मामले में किए गए सभी दावे जांच का विषय हैं और फिलहाल सुप्रीम कोर्ट को इसमें हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं दिखता।