देहरादून। 15 वर्ष या उससे अधिक उम्र वाले अशिक्षित रह गए लोगों के लिए भारत सरकार उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम चला रही है। जिसको लेकर आज एनसीईआरटी की प्रभारी देहरादून पहुंची, जहां उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत 15 वर्ष या उससे अधिक उम्र वाले उन सभी व्यक्तियों को पढ़ने और लिखने के का मौका मिलेगा जो मूलभूत साक्षरता और संख्या ज्ञान पाने में असमर्थ रहे। इसको लेकर 1 अप्रैल 2022 से राष्ट्रीय स्तर पर नवभारत साक्षरता कार्यक्रम शुरू किया गया, पहले इसे प्रौढ़ शिक्षा कार्यक्रम के नाम से भी जाना जाता था, अब इसे उल्लास नाम दिया गया है।
एनसीईआरटी की प्रभारी उषा शर्मा ने बताया कि उल्लास कार्यक्रम को पूरे देश भर में चलाया जा रहा है, उत्तराखंड में भी इसके मौजूदा वक्त में क्या हालत है, इस संबंध में प्रदेश के अधिकारियों के साथ मौजूद रहेंगे। वहीं एनसीईआरटी निदेशक वंदना गर्ब्याल ने बताया कि उल्लास कार्यक्रम के पांच मुख्य उद्देश्य है जिसमें, आधारभूत साक्षरता और संख्या ज्ञान के साथ जीवन कौशल, व्यावसायिक कौशल विकास, बुनियादी शिक्षा और सतत शिक्षा दी जाएगी। शिक्षण कार्य का संचालन सामाजिक चेतना केंद्रों के माध्यम से स्वयंसेवी शिक्षकों द्वारा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि योजना के तहत राज्य स्तर पर नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अलग-अलग स्थानों पर मास्टर ट्रेनरों का विकास, प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनरों द्वारा जिले स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाने हैं।