जयपुर। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने प्रदेश में गिरते भू-जल स्तर पर चिंता जताते हुए जल पुनर्भरण (वॉटर रिचार्ज) के उपायों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया है। उन्होंने बुधवार को जयपुर में ‘मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0’ के तहत आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि जल संकट से निपटने के लिए समग्र और दीर्घकालिक प्रयास आवश्यक हैं।
मंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश में अधिक से अधिक पौधारोपण किया जाए, नए तालाबों का निर्माण कराया जाए तथा विलुप्त होती नदियों को पुनर्जीवित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि भू-जल दोहन को नियंत्रित करने के लिए डार्क जोन क्षेत्रों में विशेष रणनीति अपनानी होगी और वहां प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करनी होगी। कार्यशाला के दौरान उपस्थित अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और अन्य प्रतिभागियों को पॉलीथिन का उपयोग नहीं करने का संकल्प भी दिलाया गया, ताकि पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को बल मिल सके।
बैठक में अभियान के तहत करीब 140 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा की गई। साथ ही जल संरक्षण और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के लिए कई संस्थाओं के साथ नए समझौता ज्ञापन (एमओयू) भी किए गए। इस अवसर पर पंचायती राज राज्य मंत्री ओटाराम देवासी ने जल संरक्षण में जनभागीदारी को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि पुराने जल स्रोतों के पुनरुद्धार के बिना स्थायी समाधान संभव नहीं है। उन्होंने आमजन से जल बचाने और परंपरागत जल संरचनाओं को पुनर्जीवित करने में सहयोग की अपील की। कार्यशाला में संबंधित विभागों के अधिकारी और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जहां जल संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।