देहरादून। देहरादून पुलिस ने खुद को आईपीएस, रॉ एजेंट, सेना और सीआरपीएफ का वरिष्ठ अधिकारी बताकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर जालसाज को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से कई फर्जी आईडी कार्ड, विजिटिंग कार्ड, वर्दियां और वायरलेस सेट भी बरामद हुए हैं।
गिरफ्तार आरोपी आर. यशोवर्धन, गढ़ी कैंट का रहने वाला है और एक सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी का पुत्र है। पुलिस के मुताबिक उसने यूपीएससी की तैयारी की, लेकिन असफल रहने के बाद खुद को फर्जी आईपीएस और अन्य केंद्रीय एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को झांसे में लेना शुरू कर दिया। आरोपी नौकरी दिलाने, कंपनी का पंजीकरण कराने और सरकारी काम जल्दी करवाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये ठगता था। उसकी वर्दी, फर्जी आईडी और प्रभावशाली बातचीत से लोग आसानी से उसके झांसे में आ जाते थे।
आमजन व भोले भाले लोगों को वह अपने पद का प्रभाव डालकर उनको नौकरी दिलवाने, उनके टेंडर एवं अन्य काम जल्दी करवाने के नाम पर लाखों रुपए की जालसाजी व धोखाधड़ी करने लगा। उसके बात करने का तरीका, उसकी यूनिफॉर्म व फर्जी आई कार्ड देखकर लोग उस पर आसानी से भरोसा कर लेते थे। इसी का फायदा उठाकर वह सालों से कई लोगों के साथ धोखाधड़ी कर चुका है।
पूछताछ में अभियुक्त द्वारा बताया गया कि उसके पिता वरिष्ठ सेवानिवृत्त अधिकारी है और बचपन से उसका सपना अधिकारी बनने का था। बचपन से अपने पिता के साथ रहने के दौरान उसने वरिष्ठ अधिकारियों को मिलने वाली पावर व सुविधा देखी थी। उसने कई सालों तक यूपीएससी परीक्षा की तैयारी की लेकिन वह सफल नहीं हो पाया।
राजपुर थाने में दर्ज दो अलग-अलग मुकदमों में आरोपी पर करीब 20 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी के आरोप हैं। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि अधिकारी बनने का सपना पूरा न होने पर उसने फर्जी पहचान बनाकर लोगों को ठगना शुरू कर दिया था।
देहरादून पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और उसके नेटवर्क में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है या नहीं। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति की पहचान और दावों का सत्यापन किए बिना उस पर भरोसा न करें।