नई दिल्ली। रक्षा राज्य मंत्री और रांची के सांसद संजय सेठ नई दिल्ली में भारतीय वायु सेना और सोसाइटी ऑफ इंडिया डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (SIDM) की ओर से आयोजित ‘संकल्प’ विषय पर प्रदेशीकरण सेमिनार में शामिल हुए। उन्होंने कहा है कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना और स्वदेशी क्षमताओं एवं नवाचार के माध्यम से भारतीय वायु सेना को दुनिया की सबसे शक्तिशाली वायु सेना बनाना सरकार का संकल्प है।
संजय सेठ ने अपने संबोधन में स्वदेशी और आत्मनिर्भर रक्षा इकोसिस्टम बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा शांति और वसुधैव कुटुंबकम के सिद्धांत पर विश्वास करता है, लेकिन देश की संप्रभुता और सुरक्षा पर किसी भी चुनौती का जवाब देने के लिए पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने कहा कि सीमा पर तैनात जवान कभी अकेला नहीं होता, बल्कि उसकी ताकत देश के रक्षा उद्योग और तकनीकी विकास से जुड़ी होती है।
रक्षा राज्य मंत्री ने निर्माताओं और इनोवेटर्स से भविष्य के युद्ध की जरूरतों और उभरती तकनीकों पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया। स्टार्टअप इकोसिस्टम की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि भारत के युवा उद्यमी दुनिया के किसी भी स्टार्टअप से मुकाबला करने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा देश के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
संजय सेठ ने भारतीय सशस्त्र बलों की संयुक्तता पर जोर देते हुए कहा कि तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल देश की रक्षा क्षमता को कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने रक्षा क्षेत्र में विनिर्माण, तकनीकी विकास और नवाचार को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी बल दिया। कार्यक्रम के दौरान रक्षा राज्य मंत्री ने एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, SIDM अध्यक्ष अरुण टी. रामचंद्रन और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में ‘संकल्प 2026: प्रॉब्लम स्टेटमेंट्स ऑफ द इंडियन एयर फोर्स’ पुस्तक का विमोचन किया।
सेमिनार में रक्षा मंत्रालय, भारतीय वायु सेना, CEMILAC, DGAQA, उद्योग जगत और शिक्षा क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय वायु सेना की स्वदेशीकरण प्राथमिकताओं, तकनीकी जरूरतों और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को आगे बढ़ाने के लिए सहयोग बढ़ाना रहा।